लैक्टेट थ्रेशोल्ड टेस्टिंग: धावकों के लिए संपूर्ण गाइड
लैक्टेट थ्रेशोल्ड (Lactate Threshold) क्या है?
लैक्टेट थ्रेशोल्ड (LT) वह व्यायाम तीव्रता है जिस पर आपके रक्तप्रवाह में लैक्टेट जमा होने की गति शरीर द्वारा इसे साफ करने की गति से अधिक हो जाती है। यह उस सबसे तेज़ पेस (गति) को दर्शाता है जिसे आप थकान के कारण धीमा होने से पहले लंबे समय (30-60 मिनट) तक बनाए रख सकते हैं।
लंबी दूरी के धावकों के लिए, लैक्टेट थ्रेशोल्ड अक्सर VO2max से अधिक महत्वपूर्ण होती है क्योंकि यह उस पेस को निर्धारित करती है जिसे आप हाफ मैराथन और मैराथन जैसी रेस के दौरान बनाए रख सकते हैं। जहां VO2max आपकी एरोबिक क्षमता की अधिकतम सीमा तय करती है, वहीं लैक्टेट थ्रेशोल्ड यह निर्धारित करती है कि आप उस सीमा का कितने प्रतिशत हिस्सा बनाए रख सकते हैं।
लैक्टेट थ्रेशोल्ड के त्वरित तथ्य:
- विशिष्ट मैराथन धावक: VO2max के 85-90% पर LT
- प्रशिक्षित धावक: VO2max के 75-85% पर LT
- मनोरंजक धावक: VO2max के 65-75% पर LT
- प्रशिक्षण लाभ: अत्यधिक प्रशिक्षित किया जा सकता है (25-40% सुधार संभव)
- रेस प्रेडिक्टर: मैराथन प्रदर्शन का सबसे अच्छा संकेतक
लैक्टेट थ्रेशोल्ड का परीक्षण क्यों करें?
लैक्टेट थ्रेशोल्ड का परीक्षण प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है:
1. रेस पेस क्षमताओं का निर्धारण
आपका लैक्टेट थ्रेशोल्ड पेस इनके अनुमान के बराबर होता है:
- 10K रेस पेस: LT का ~98-100%
- हाफ मैराथन पेस: LT का ~92-95%
- मैराथन पेस: LT का ~85-88%
2. सटीक प्रशिक्षण क्षेत्र (Training Zones) निर्धारित करना
लैक्टेट थ्रेशोल्ड टेस्टिंग आपके सटीक ज़ोन 4 थ्रेशोल्ड ट्रेनिंग क्षेत्र की पहचान करती है—जो निरंतर गति बनाने के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। थ्रेशोल्ड से थोड़ा नीचे, थ्रेशोल्ड पर, और थ्रेशोल्ड से थोड़ा ऊपर प्रशिक्षण लेने से सबसे अधिक सुधार होता है।
3. प्रशिक्षण प्रभावशीलता को ट्रैक करना
हर 8-12 सप्ताह में दोबारा परीक्षण करने से पता चलता है कि आपका प्रशिक्षण थ्रेशोल्ड पेस में सुधार कर रहा है या नहीं। LT में 5% का सुधार आमतौर पर रेस के समय में 5% की कमी (तेजी) लाता है।
4. रेस प्रदर्शन का अनुमान
लैक्टेट थ्रेशोल्ड मैराथन प्रदर्शन का सबसे अच्छा भविष्यवक्ता है। अध्ययन बताते हैं कि LT प्रशिक्षित धावकों के बीच मैराथन समय के अंतर का 70-80% हिस्सा समझाता है—जो VO2max या अकेले रनिंग इकोनॉमी से कहीं अधिक है।
प्रयोगशाला (Lab) लैक्टेट थ्रेशोल्ड टेस्टिंग
लैब परीक्षण सीधे रक्त में लैक्टेट एकाग्रता को मापकर सबसे सटीक LT माप प्रदान करता है।
मानक लैक्टेट परीक्षण प्रोटोकॉल
1. इंक्रीमेंटल ट्रेडमिल टेस्ट (Incremental Treadmill Test)
स्वर्ण मानक प्रोटोकॉल में शामिल है:
- वार्म-अप: 10 मिनट आसान दौड़
- इंक्रीमेंटल चरण: उत्तरोत्तर तेज़ गति पर 3-4 मिनट के चरण
- रक्त नमूना: प्रत्येक चरण के अंत में लैक्टेट माप के लिए उंगली से खून का नमूना
- जारी रखना: जब तक लैक्टेट 4-6 mmol/L तक न पहुँच जाए या स्वैच्छिक थकावट न हो जाए
- विश्लेषण: थ्रेशोल्ड की पहचान करने के लिए लैक्टेट बनाम पेस का ग्राफ बनाना
2. ट्रैक-आधारित परीक्षण
कुछ केंद्र आउटडोर ट्रैक परीक्षण की सुविधा भी देते हैं:
- तेज़ी से बढ़ते पेस पर लैप्स दौड़ना (जैसे, प्रति चरण 2 लैप)
- प्रत्येक चरण के बाद रक्त लैक्टेट मापना
- ट्रेडमिल की तुलना में अधिक खेल-विशिष्ट
- मौसम की स्थिति सटीकता को प्रभावित कर सकती है
लैक्टेट कर्व्स की व्याख्या
लैब परिणाम विभिन्न पेस पर रक्त लैक्टेट सांद्रता (mmol/L) दिखाते हैं:
- एरोबिक थ्रेशोल्ड (LT1): बेसलाइन से पहली वृद्धि (~2 mmol/L)
- लैक्टेट थ्रेशोल्ड (LT2): तीव्र वृद्धि का बिंदु (~4 mmol/L)
- VO2max पेस: अधिकतम लैक्टेट संचय (>8 mmol/L)
परिणामों का उदाहरण:
| पेस (मि/किमी) | हृदय गति (HR) | लैक्टेट (mmol/L) | ज़ोन |
|---|---|---|---|
| 6:00 | 135 | 1.2 | ज़ोन 2 (आसान) |
| 5:30 | 148 | 1.8 | ज़ोन 2-3 |
| 5:00 | 160 | 2.5 | ज़ोन 3 |
| 4:40 | 171 | 4.0 | ज़ोन 4 (LT) |
| 4:20 | 180 | 6.8 | ज़ोन 5 |
| 4:00 | 188 | 10.2 | ज़ोन 5 (VO2max) |
इस उदाहरण में, लैक्टेट थ्रेशोल्ड 4:40/किमी की पेस (171 बीपीएम) पर होती है। यह सभी प्रशिक्षण क्षेत्रों (Zones) को निर्धारित करने का मुख्य आधार बन जाता है।
लैब टेस्टिंग लागत और अन्य बातें
- लागत: $150-350 प्रति परीक्षण
- अवधि: 60-90 मिनट
- कहाँ: विश्वविद्यालय लैब, खेल चिकित्सा क्लीनिक, प्रदर्शन केंद्र
- आवृत्ति: गहन प्रशिक्षण के दौरान हर 8-12 सप्ताह में
- तैयारी: अच्छी तरह से आराम किया हुआ, कठिन वर्कआउट के 48 घंटे बाद, भोजन के 2-3 घंटे बाद
लैक्टेट थ्रेशोल्ड के लिए फील्ड टेस्ट
फील्ड टेस्ट रक्त के नमूने के बिना लैक्टेट थ्रेशोल्ड का अनुमान लगाते हैं। हालांकि ये कम सटीक (±5-10%) होते हैं, फिर भी ये व्यावहारिक, मुफ्त हैं और इन्हें बार-बार दोहराया जा सकता है।
1. 30-मिनट टाइम ट्रायल (30-Minute Time Trial)
उस सबसे तेज़ गति से दौड़ें जिसे आप 30 मिनट तक बनाए रख सकते हैं। आपकी औसत पेस लैक्टेट थ्रेशोल्ड पेस के करीब होती है।
प्रोटोकॉल:
- 15-20 मिनट वार्म अप करें
- अधिकतम निरंतर गति पर 30 मिनट तक स्थिर प्रयास के साथ दौड़ें
- यह "आरामदायक रूप से कठिन" (comfortably hard) महसूस होना चाहिए—यानी आप 1-2 शब्द बोल सकें लेकिन पूरा वाक्य नहीं
- औसत पेस = अनुमानित थ्रेशोल्ड पेस
- औसत हृदय गति = अनुमानित थ्रेशोल्ड हृदय गति
फायदे: सरल, मुफ्त, दोहराने योग्य, दौड़ने के लिए विशिष्ट
नुकसान: सटीक पेसिंग की आवश्यकता, मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण, मौसम परिणामों को प्रभावित करता है
2. 20-मिनट टेस्ट (जैक डेनियल्स विधि)
20 मिनट तक अधिकतम प्रयास के साथ दौड़ें। आपकी औसत पेस = थ्रेशोल्ड पेस का लगभग 105-108%।
गणना:
थ्रेशोल्ड पेस = 20-मिनट टेस्ट पेस × 1.05
उदाहरण:
4:20/किमी पर 20-मिनट का टेस्ट → थ्रेशोल्ड पेस = 4:20 × 1.05 = 4:33/किमी
3. 10K रेस या टाइम ट्रायल
एक अच्छी तरह से निष्पादित 10K रेस एक उत्कृष्ट थ्रेशोल्ड अनुमान प्रदान करती है:
- अधिकांश धावकों के लिए औसत 10K पेस ≈ थ्रेशोल्ड पेस का 98-100%
- औसत 10K हृदय गति ≈ थ्रेशोल्ड हृदय गति
यह विधि उन धावकों के लिए सबसे अच्छा काम करती है जिनका 10K समय 40-50 मिनट है। तेज़ धावक (40 मिनट से कम) थ्रेशोल्ड से ऊपर रेस करते हैं; धीमे धावक (55+ मिनट) थ्रेशोल्ड से नीचे रेस कर सकते हैं।
4. इंक्रीमेंटल स्टेप टेस्ट (Perceived Exertion आधारित)
लैब प्रोटोकॉल के समान लेकिन लैक्टेट के बजाय कथित प्रयास (perceived exertion) का उपयोग करना:
- उत्तरोत्तर तेज़ गति पर 4-मिनट के चरण दौड़ें
- प्रत्येक चरण के बाद कथित प्रयास की दर आंकें (1-10 पैमाना)
- थ्रेशोल्ड वहां होता है जहां RPE (प्रयास दर) 6-7 से बढ़कर 8-9 हो जाता है
- इस बदलाव पर पेस और हृदय गति रिकॉर्ड करें
5. टॉक टेस्ट (Talk Test)
एक सरल गुणात्मक विधि:
- थ्रेशोल्ड से नीचे: पूरे वाक्यों को आराम से बोल सकते हैं
- थ्रेशोल्ड पर: एक बार में केवल 1-2 शब्द ही बोल सकते हैं; वाक्य बोलना कठिन है
- थ्रेशोल्ड से ऊपर: बोलना बहुत कठिन है; सांस फूलने लगती है
तेज़ी से बढ़ते पेस पर दौड़ें। थ्रेशोल्ड उस गति पर होती है जहाँ पूरे वाक्य बोलना कठिन हो जाता है।
फील्ड टेस्ट के सर्वोत्तम अभ्यास
- निरंतरता: समान स्थान, समान परिस्थितियां, दिन का एक ही समय
- ताजा पैर (Fresh legs): अच्छी तरह से आराम करने के बाद टेस्ट करें, उच्च-मात्रा वाले प्रशिक्षण हफ्तों के दौरान नहीं
- उचित वार्म-अप: 15-20 मिनट आसान दौड़ + 3-4 स्ट्राइड्स (तेज़ दौड़)
- समतल रास्ता: सटीक पेसिंग के लिए ऊंचाई के परिवर्तनों को कम से कम रखें
- सब कुछ रिकॉर्ड करें: पेस, हृदय गति, परिस्थितियां, कथित प्रयास
हृदय गति (Heart Rate) आधारित थ्रेशोल्ड अनुमान
हृदय गति एक सुविधाजनक थ्रेशोल्ड संकेतक प्रदान करती है, हालांकि यह पेस-आधारित तरीकों की तुलना में कम सटीक है।
अधिकतम हृदय गति (Max HR) का प्रतिशत
लैक्टेट थ्रेशोल्ड आमतौर पर यहाँ होती है:
- प्रशिक्षित धावक: अधिकतम HR का 85-92%
- कम प्रशिक्षित: अधिकतम HR का 80-85%
- उच्च प्रशिक्षित: अधिकतम HR का 88-95%
उदाहरण:
अधिकतम HR = 190 bpm
थ्रेशोल्ड HR = 190 × 0.88 = 167 bpm
हार्ट रेट रिजर्व (HRR) विधि
यह %Max HR विधि से अधिक सटीक है:
फ़ॉर्मूला:
LT HR = [(अधिकतम HR - विश्राम HR) × 0.75-0.85] + विश्राम HR
उदाहरण:
अधिकतम HR = 190, विश्राम HR = 50
LT HR = [(190 - 50) × 0.80] + 50 = 162 bpm
हार्ट रेट ड्रिफ्ट टेस्ट (Heart Rate Drift Test)
30-60 मिनट तक स्थिर गति से दौड़ें। यदि हृदय गति 3-5% से अधिक बढ़ती है (पेस में बदलाव के बिना), तो यह संकेत देता है कि आप थ्रेशोल्ड से ऊपर हैं।
थ्रेशोल्ड पर: HR स्थिर रहता है या 3-5% से कम बढ़ता है
थ्रेशोल्ड से ऊपर: HR में 5-10% से अधिक की वृद्धि होती है
हृदय गति विधियों की सीमाएँ
- थ्रेशोल्ड पर %Max HR में व्यक्तिगत भिन्नता (80-95% की सीमा)
- तनाव, नींद, हाइड्रेशन और मौसम के कारण दैनिक उतार-चढ़ाव
- गर्म दिनों में या लंबी दौड़ के दौरान 'कार्डियक ड्रिफ्ट'
- सच्ची अधिकतम HR जानने की आवश्यकता (220-उम्र अक्सर गलत होती है)
हृदय गति को एक गाइड के रूप में उपयोग करें, लेकिन थ्रेशोल्ड प्रशिक्षण के लिए पेस और कथित प्रयास को प्राथमिकता दें।
प्रशिक्षण के लिए लैक्टेट थ्रेशोल्ड डेटा का उपयोग
प्रशिक्षण क्षेत्र (Training Zones) निर्धारित करना
एक बार जब आप थ्रेशोल्ड पेस और हृदय गति जान लेते हैं, तो अपने व्यक्तिगत प्रशिक्षण क्षेत्रों को निर्धारित करें:
| ज़ोन | थ्रेशोल्ड पेस का % | थ्रेशोल्ड HR का % | उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| ज़ोन 1 | < 75% | < 85% | रिकवरी |
| ज़ोन 2 | 75-85% | 85-92% | एरोबिक बेस |
| ज़ोन 3 | 85-95% | 92-98% | टेम्पो (Tempo) |
| ज़ोन 4 | 95-105% | 98-105% | थ्रेशोल्ड (Threshold) |
| ज़ोन 5 | > 105% | > 105% | VO2max इंटरवल्स |
थ्रेशोल्ड प्रशिक्षण वर्कआउट
इन सिद्ध वर्कआउट्स के साथ लैक्टेट थ्रेशोल्ड में सुधार करें:
कंटीन्यूअस टेम्पो रन (Continuous Tempo Runs)
- थ्रेशोल्ड पेस पर 20-40 मिनट
- यह "आरामदायक रूप से कठिन" महसूस होना चाहिए
- उदाहरण: 10 मि वार्मअप, 30 मि थ्रेशोल्ड, 10 मि कूलडाउन
क्रूज़ इंटरवल्स (Cruise Intervals)
- 3-5 × 8-10 मिनट थ्रेशोल्ड पर, जिसमें 2-3 मि रिकवरी हो
- यह कंटीन्यूअस टेम्पो की तुलना में थ्रेशोल्ड पर अधिक समय बिताने की अनुमति देता है
- उदाहरण: 4 × 10 मि @ थ्रेशोल्ड पेस, बीच में 3 मि जॉग रिकवरी
थ्रेशोल्ड इंटरवल्स
- 6-8 × 5 मिनट थ्रेशोल्ड पर, 90 सेकंड रिकवरी के साथ
- थ्रेशोल्ड पर कुल समय: 30-40 मिनट
- छोटे अंतराल सटीक पेस बनाए रखने में मदद करते हैं
प्रोग्रेसिव टेम्पो (Progressive Tempo)
- थ्रेशोल्ड से नीचे शुरू करें, थ्रेशोल्ड से ऊपर तक बढ़ें
- उदाहरण: 40 मिनट की दौड़—95% थ्रेशोल्ड से शुरू करें, 105% थ्रेशोल्ड पर समाप्त करें
- स्थिर टेम्पो की तुलना में मानसिक रूप से आसान
साप्ताहिक थ्रेशोल्ड प्रशिक्षण
मैराथन अवधिकरण (Periodization) के निर्माण चरणों के दौरान प्रति सप्ताह 1-2 थ्रेशोल्ड सत्र शामिल करें:
- बेस फेज: 0-1 थ्रेशोल्ड सत्र, एरोबिक क्षमता पर ज़ोर दें
- बिल्ड फेज: 1 थ्रेशोल्ड सत्र + 1 टेम्पो या अंतराल सत्र
- पीक फेज: रेस पेस पर केंद्रित 1-2 थ्रेशोल्ड सत्र
- टेपर (Taper): मात्रा कम करें लेकिन थ्रेशोल्ड तीव्रता बनाए रखें
उचित प्रशिक्षण भार प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए ट्रेनिंग स्ट्रेस स्कोर (TSS) के साथ थ्रेशोल्ड वर्कआउट को ट्रैक करें।
लैक्टेट थ्रेशोल्ड में सुधार कैसे करें
लैक्टेट थ्रेशोल्ड को काफी हद तक प्रशिक्षित किया जा सकता है। अधिकांश धावक केंद्रित प्रशिक्षण के साथ 12-16 सप्ताह में LT में 10-25% का सुधार कर सकते हैं।
1. निरंतर थ्रेशोल्ड वर्कआउट
8-12 सप्ताह तक लगातार प्रति सप्ताह एक थ्रेशोल्ड सत्र मापने योग्य सुधार लाता है। प्रति सप्ताह 2 से अधिक न करें—थ्रेशोल्ड वर्कआउट थकाने वाला होता है।
2. पहले एरोबिक बेस बनाएं
ज़ोन 2 में उच्च मात्रा में आसान दौड़ एरोबिक आधार बनाती है जो थ्रेशोल्ड सुधारों का समर्थन करती है। मनोरंजक धावकों के लिए प्रति सप्ताह 40-60 मील, प्रतिस्पर्धी धावकों के लिए 60-80+ मील का लक्ष्य रखें।
3. विविधता शामिल करें
एकल-सुर के प्रशिक्षण और ओवरट्रेनिंग से बचने के लिए कंटीन्यूअस टेम्पो, क्रूज़ अंतराल और थ्रेशोल्ड अंतराल के बीच बदलाव करते रहें।
4. थ्रेशोल्ड पर प्रशिक्षण लें, उससे ऊपर नहीं
थ्रेशोल्ड से तेज़ प्रशिक्षण (ज़ोन 5 अंतराल) का अपना स्थान है, लेकिन थ्रेशोल्ड-विशिष्ट कार्य थ्रेशोल्ड पेस पर ही होना चाहिए। बहुत कठिन दौड़ने से उद्देश्य विफल हो जाता है—आप एक अलग प्रणाली को प्रशिक्षित कर रहे होते हैं।
5. सत्रों के बीच रिकवरी
थ्रेशोल्ड वर्कआउट के बाद 48-72 घंटे की रिकवरी की आवश्यकता होती है। कठिन सत्रों के बीच आसान दौड़, विश्राम के दिन या क्रॉस-ट्रेनिंग निर्धारित करें। ओवरट्रेनिंग को रोकने के लिए CTL/ATL/TSB की निगरानी करें।
सुधारों की अपेक्षित समयसीमा
| प्रशिक्षण अवधि | अपेक्षित LT सुधार | रेस प्रदर्शन पर प्रभाव |
|---|---|---|
| 4-6 सप्ताह | 3-5% | मामूली सुधार |
| 8-12 सप्ताह | 8-12% | स्पष्ट रेस सुधार |
| 16-20 सप्ताह | 12-20% | महत्वपूर्ण रेस सुधार |
| 6-12 महीने | 15-25% | बड़ी सफलता |
नौसिखिए धावक सबसे तेज़ लाभ (पहले 6 महीनों में 15-25%) देखते हैं। प्रशिक्षित धावक प्रति प्रशिक्षण चक्र में 5-10% सुधार करते हैं। उन्नत धावक 2-5% वार्षिक सुधार देखते हैं।
लैक्टेट थ्रेशोल्ड की प्रगति को ट्रैक करना
Run Analytics कई संकेतकों के माध्यम से थ्रेशोल्ड सुधारों की निगरानी में मदद करता है:
- क्रिटिकल रनिंग स्पीड (CRS): लैक्टेट थ्रेशोल्ड के साथ सह-संबंधित है।
- थ्रेशोल्ड पेस पर हृदय गति: जैसे-जैसे फिटनेस सुधरती है, यह कम होती जाती है।
- थ्रेशोल्ड हार्ट रेट पर पेस: बेहतर थ्रेशोल्ड के साथ बढ़ती है।
- ट्रेनिंग स्ट्रेस स्कोर रुझान: तेज़ गति पर समान TSS = सुधार।
- CTL/ATL/TSB निगरानी: उचित प्रशिक्षण भार प्रगति सुनिश्चित करती है।
सभी मेट्रिक्स आपके डिवाइस पर निजी तौर पर परिकलित किए जाते हैं—कोई क्लाउड अपलोड नहीं, कोई डेटा शेयरिंग नहीं। प्राइवेसी-फर्स्ट रनिंग एनालिटिक्स के बारे में और जानें।
लैक्टेट थ्रेशोल्ड टेस्टिंग के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या लैब टेस्टिंग जरूरी है?
नहीं। हालांकि लैब टेस्ट सबसे सटीक माप प्रदान करते हैं, 30-मिनट टाइम ट्रायल जैसे फील्ड टेस्ट उत्कृष्ट व्यावहारिक अनुमान देते हैं। लैब टेस्टिंग उन गंभीर धावकों के लिए मूल्यवान है जो सटीक डेटा चाहते हैं, लेकिन मनोरंजक धावक फील्ड टेस्ट परिणामों का उपयोग करके प्रभावी ढंग से प्रशिक्षित हो सकते हैं।
मुझे कितनी बार लैक्टेट थ्रेशोल्ड का परीक्षण करना चाहिए?
केंद्रित प्रशिक्षण अवधि के दौरान हर 8-12 सप्ताह में परीक्षण करें। इससे अधिक बार परीक्षण करने से सार्थक सुधार के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता है। प्रगति को मापने के लिए परीक्षणों के बीच टेम्पो रन का उपयोग करें।
क्या VO2max में सुधार किए बिना लैक्टेट थ्रेशोल्ड में सुधार हो सकता है?
हाँ! लैक्टेट थ्रेशोल्ड अक्सर VO2max की तुलना में अधिक प्रशिक्षित करने योग्य होती है। कई धावक अपनी आनुवंशिक VO2max अधिकतम सीमा तक पहुँच जाते हैं लेकिन वर्षों तक लैक्टेट थ्रेशोल्ड में सुधार करना जारी रखते हैं, जिससे स्थिर VO2max के बावजूद वे तेज़ रेस समय प्राप्त कर पाते हैं।
लैक्टेट थ्रेशोल्ड और एनारोबिक थ्रेशोल्ड में क्या अंतर है?
ये समान अवधारणाएं हैं जो थोड़े अलग शारीरिक बिंदुओं का वर्णन करती हैं। लैक्टेट थ्रेशोल्ड (2-4 mmol/L) दर्शाता है कि लैक्टेट कब जमा होना शुरू होता है। एनारोबिक थ्रेशोल्ड (~4 mmol/L) दर्शाता है कि लैक्टेट संचय कब तेज़ी से बढ़ता है। व्यावहारिक प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए, इनका उपयोग एक-दूसरे के स्थान पर किया जाता है।
मेरा थ्रेशोल्ड पेस दिन-प्रतिदिन अलग क्यों होता है?
थकान, नींद, गर्मी, तनाव और हाइड्रेशन सभी थ्रेशोल्ड पेस को प्रभावित करते हैं। आपकी "सच्ची" थ्रेशोल्ड सबसे अच्छी तरह तब निर्धारित की जाती है जब आप आदर्श परिस्थितियों में अच्छी तरह से आराम कर चुके हों। 2-5% का दैनिक उतार-चढ़ाव सामान्य है।
क्या मैं थ्रेशोल्ड निर्धारित करने के लिए केवल हृदय गति का उपयोग कर सकता हूँ?
हृदय गति एक उपयोगी अनुमान प्रदान करती है लेकिन इसकी कुछ सीमाएँ हैं (दैनिक उतार-चढ़ाव, व्यक्तिगत भिन्नता)। सबसे सटीक प्रशिक्षण के लिए हृदय गति को पेस और कथित प्रयास के साथ मिलाकर एक गाइड के रूप में उपयोग करें।
लैक्टेट थ्रेशोल्ड में सुधार करने में कितना समय लगता है?
निरंतर प्रशिक्षण के साथ 6-8 सप्ताह में स्पष्ट सुधार दिखाई देते हैं। महत्वपूर्ण सुधारों (10-20%) के लिए 12-16 सप्ताह के केंद्रित प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। उचित प्रशिक्षण योजना के साथ वर्षों तक सुधार संभव है।
क्या मैराथन के लिए लैक्टेट थ्रेशोल्ड VO2max से अधिक महत्वपूर्ण है?
हाँ। लैक्टेट थ्रेशोल्ड मैराथन प्रदर्शन का बेहतर अनुमान लगाती है क्योंकि मैराथन थ्रेशोल्ड पेस के 85-88% पर दौड़ें जाते हैं, VO2max पर नहीं। थ्रेशोल्ड में सुधार का मैराथन समय पर VO2max में सुधार से अधिक व्यावहारिक प्रभाव पड़ता है।
